परिज्ञानलहरी महोत्सव

 

॥ ॐ श्री गुरुभ्यो नमः॥ ॐ श्री भवानीशङ्कराय नमः॥ ॐ श्री मात्रे नमः॥

परिज्ञानलहरी महोत्सव
(१५ जून २०२६ - १२ अक्टूबर २०२७)

चित्ताकाशे विराजन्तौ प्रशान्तमूर्त्यौ गुरुपुङ्गवौ।
सर्वकलासमायुक्तौ ब्रह्मविद्याप्रकाशकौ॥
भक्ताभीष्टप्रदातारौ विघ्नवृन्दविनाशकौ।
नमामि हृदि नित्यं तौ सारस्वतोद्धारकौ॥

परम पूज्य श्रीमत् परिज्ञानाश्रम स्वामीजी (तृतीय) तथा परम पूज्य श्रीमत् सद्योजात शंकराश्रम स्वामीजी - जो परम शांति और स्थिरता के साकार रूप, समस्त कलाओं, ज्ञान और दिव्य शक्तियों से संपन्न, ब्रह्मविद्या अर्थात् परम सत्य के ज्ञान के प्रकाशक हैं, मेरे चित्ताकाश में सदा विराजित हैं। वे करुणामूर्ति, भक्तों के साधना-पथ में आने वाले असंख्य विघ्नों का सहज ही निवारण कर उन्हें अभीष्ट प्रदान करते हैं। मैं अपने हृदय में उन गुरुद्वयम् को नित्य निरंतर प्रणाम करता / करती हूँ, जो साधकों का परिमितता से परम सत्य की अनुभूति की ओर मार्गदर्शन करते हुए, सारस्वत परंपरा का संवर्धन, पोषण एवं उद्धार करते हैं।

वर्ष २०२६ और २०२७ हमारी उज्ज्वल गुरुपरंपरा में तीन पावन अवसरों के दिव्य समागम - एक अलौकिक त्रिवेणी संगम के मंगलमय आगमन के द्योतक हैं।

i. १५ जून २०२७ - परम पूज्य श्रीमत् परिज्ञानाश्रम स्वामीजी (तृतीय) का ८०वाँ जन्मदिवस ...

ii. २७ फरवरी २०२७ - परम पूज्य श्रीमत् सद्योजात शंकराश्रम स्वामीजी के पट्टाभिषेक की ३०वीं वर्धन्ती ...

iii. १२ अक्टूबर २०२७ - परम पूज्य श्रीमत् परिज्ञानाश्रम स्वामीजी (तृतीय) के पट्टाभिषेक की ६०वीं वर्धन्ती ... 


समाज के सदस्यों द्वारा इस त्रिवेणी संगम के उत्सव की प्रार्थना को परम पूज्य श्रीमत् सद्योजात शंकराश्रम स्वामीजी ने सहर्ष स्वीकार कर इसे “परिज्ञानलहरी” नाम से अनुग्रहीत किया। यह उत्सव समाज द्वारा १५ जून २०२६  से १२ अक्टूबर २०२७ तक मनाया जाएगा। १५ जून २०२६ को परम पूज्य श्रीमत् परिज्ञानाश्रम स्वामीजी (तृतीय) की संजीवनी सन्निधि - कार्ला मठ में, परम पूज्य श्रीमत् सद्योजात शंकराश्रम स्वामीजी की कृपामयी उपस्थिति में, समाज की ओर से सामूहिक संकल्प लिया जाएगा। 

१५ माह तक चलने वाले ‘परिज्ञानलहरी’- सत्संग, सेवा और साधना के इस उत्सव में भक्ति और आनंद के साथ भाग लेने हेतु सभी साधकों को आमंत्रित किया जाता है। इसके अंतर्गत व्यक्तिगत (वैयक्तिक) और सामूहिक साधनाओं का विवरण शीघ्र ही साझा किया जाएगा।

इन सभी गतिविधियों के समन्वय हेतु, श्री चित्रापुर मठ के धर्मप्रचारक डॉ. चैतन्य गुलवाड़ी के नेतृत्व में एक आयोजन समिति का गठन किया गया है।

 कृपया अपने सुझाव हमें प्रेषित करें : parijnanalahari@chitrapurmath.net.in
या इस फॉर्म के माध्यम से सुझाव भेजें :  https://forms.gle/HgwiJfCmD42LDjo28